Jainism

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व्रतों में अतिक्रम्,व्यतिक्रम, अतिचार, अनाचार दोष किन कारणों से लगता है?

व्रतों में अतिक्रम्,व्यतिक्रम, अतिचार, अनाचार दोष किन कारणों से लगता है? शंका व्रतों में अतिक्रम, व्यतिक्रम, अतिचार, अनाचार दोष किन कारणों से लगता है? ऐसा हमें क्या करना चाहिए जो…

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पुण्य कैसे कमाएं?

पुण्य कैसे कमाएं? शंका मन में यह विकल्प आया कि सांसारिक मार्ग में भी पुण्य चाहिए, क्योंकि निरोगी काया मिलेगी तो वह पुण्य से, धन दौलत है वह पुण्य से!…

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जाप में चढ़ाई हुयी लौंग को दोबारा उपयोग करना क्या उचित है?

जाप में चढ़ाई हुयी लौंग को दोबारा उपयोग करना क्या उचित है? शंका आजकल जाप में चाँदी के लौंग चढ़ाते हैं और उन लौंग को लोग वापस घर ले जाते…

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एकासन का क्या अर्थ होता है?

एकासन का क्या अर्थ होता है? शंका एकासन का क्या अर्थ होता है? एक आसन में खाना या एक वक्त खाना खाना? खाना खाने से पहले कोई यदि मंजन कर…

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भव, भवांतर, भाग्य आदि निश्चित है तो पुरुषार्थ का क्या उपयोग?

भव, भवांतर, भाग्य आदि निश्चित है तो पुरुषार्थ का क्या उपयोग? शंका हर जीव का भव निश्चित है, भवांतर निश्चित है, योनि निश्चित है, इसीलिए मेरे ख्याल से भाग्य भी…

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