Jainism

150 150 admin

भगवान की प्रतिमा की परिक्रमा लगाते समय पीछे सिर क्यों टेकते हैं?

भगवान की प्रतिमा की परिक्रमा लगाते समय पीछे सिर क्यों टेकते हैं? शंका जब हम लोग भगवान की प्रतिमा की परिक्रमा लगाते हैं, तो उसके पीछे सिर क्यों टेकते हैं?…

read more
150 150 admin

यदि मनुष्य पर्याय सर्वश्रेष्ठ है तो विधान में इंद्र बनकर पूजा क्यों?

यदि मनुष्य पर्याय सर्वश्रेष्ठ है तो विधान में इंद्र बनकर पूजा क्यों? शंका मनुष्य पर्याय सर्वश्रेष्ठ होती है क्योंकि मनुष्य पर्याय में ही मोक्ष जाया जा सकता है। फिर हम…

read more
150 150 admin

क्या विदेह क्षेत्र में भी जिन चैत्यालय होते हैं?

क्या विदेह क्षेत्र में भी जिन चैत्यालय होते हैं? शंका विदेह क्षेत्र में सीमन्धर स्वामी का समवसरण विचरण करता रहता है। क्या वहाँ पर भी भरत क्षेत्र जैसे चैत्यालय हैं,…

read more
150 150 admin

तीर्थंकर हितोपदेश देकर भी उसके पुण्य से अलिप्त कैसे रहते हैं?

तीर्थंकर हितोपदेश देकर भी उसके पुण्य से अलिप्त कैसे रहते हैं? शंका ऐसा कहा जाता है कि हितोपदेश देने से पुण्य अर्जित होता है। हमारे तीर्थंकर हितोपदेश देते हैं तो…

read more
150 150 admin

तीर्थंकर बनने का मार्ग क्या है?

तीर्थंकर बनने का मार्ग क्या है? शंका राजा श्रेणिक ने ऐसा कौन सा कर्म बांधा था कि वे आने वाले भव में तीर्थंकर बनने वाले हैं? हमें भी ऐसा कौन…

read more