धर्मनिरपेक्षता का सही स्वरूप और अनेकांतवाद! शंका Secularism (धर्मनिरपेक्षता) आजकल एक बड़ा फैशनेबल वर्ड (शब्द) हो गया है। इसका सही स्वरूप क्या है? क्या जैनत्त्व के अनेकांत में यह निहित…
मंदिर में प्रवेश करते समय हम निःसहि-निःसहि क्यों बोलते हैं? शंका हम मन्दिर में जाते हैं तो “ॐ जय जय जय निःसहि निःसहि निःसहि” क्यों बोलते हैं? संयम, कोटा, राजस्थान…
क्या तीव्र असाता के उदय में धार्मिक बातें अच्छी नहीं लगतीं? शंका एक कहावत है- “साँप डसा तब जानियो, रुचि सो नीम चबाय। मोह डसा तब जानियो, जिनवाणी न सुहाय।…