द्रव्य वेद, भाव वेद आदि क्या एक जीवन में परिवर्तित होते हैं? शंका द्रव्य वेद, भाव वेद आदि क्या एक जीवन में परिवर्तित होते हैं? सिद्धान्त कोष में लिखा पाया…
पंचकल्याणक में चौबीसी की स्थापना क्या उचित है? शंका आजकल जहाँ कहीं भी पंचकल्याणक होता है, वहाँ का जैन समाज चौबीसी भगवान की स्थापना करता है, लेकिन २४ भगवान का…
उपादान-उपादेय, निमित्त-नैमित्तिक का अर्थ और व्याख्या! शंका उपादान-उपादेय, निमित्त – नैमित्तिक, अन्तरंग- बहिरंग कारण, वस्तु-स्वभाव धम्मो, इनका अर्थ समझाएँ। समाधान जैन अध्यात्म को समझना है, तो हमें दो-तीन बातों को…