Jainism

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सभी तीर्थंकर समान गुणधारी हैं फिर भी कुछ ज़्यादा प्रसिद्ध क्यों हैं?

सभी तीर्थंकर समान गुणधारी हैं फिर भी कुछ ज़्यादा प्रसिद्ध क्यों हैं? शंका हमारे चौबीस तीर्थंकर हुए हैं और सभी ने बराबर तपस्या की है। लेकिन वर्तमान में ६-७ तीर्थंकर…

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कौन से ग्रंथ सिर्फ आचार्य ही पढ़ सकते हैं?

कौन से ग्रंथ सिर्फ आचार्य ही पढ़ सकते हैं? शंका ऐसा कौन सा ग्रंथ है जिनको श्रावक और मुनिराज नहीं पढ़ सकते हैं उनको सिर्फ आचार्य ही पढ़ सकते हैं?…

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सम्यक दर्शन कैसे मिले और उसकी प्राप्ति का भान कैसे होगा?

सम्यक दर्शन कैसे मिले और उसकी प्राप्ति का भान कैसे होगा? शंका रत्नकरंड श्रावकाचार में प्रसंग आता है कि श्रावक को भी सम्यक् दर्शन प्राप्त करना चाहिए लेकिन सम्यक् दर्शन…

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फल-सब्जी खाने में जीव हत्या होती ही है, फिर जैन इन्हे क्यों खाते हैं?

फल-सब्जी खाने में जीव हत्या होती ही है, फिर जैन इन्हे क्यों खाते हैं? शंका हम जो भी फल, सब्जी, भाजी आदि खाते हैं उन सब में जीव हत्या तो…

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हमारे विचारों का कर्मों पर कैसे असर होता है?

हमारे विचारों का कर्मों पर कैसे असर होता है? शंका मैं कई बार विचार करता हूँ कि ये संसार, कर्म रूपी वर्गणाओं से भरा हुआ है और हमारे विचारों के…

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