गुणस्थानों में वृद्धि के साथ, क्या सम्यग्दर्शन में बदलाव होता है? शंका क्षायिक सम्यक् दर्शन चौथे गुणस्थान में होता है। वहीं जब पांचवे, छठे और आगे जो संयम हो जाता…
अहमेंद्र तत्त्व चिंतन अकेले करते हैं या समूह में? शंका सर्वार्थ-सिद्धि में अहमेंद्र तैंतीस सागर तक अनवरत रूप से तत्त्व की चर्चा करते रहते हैं। मेरी जिज्ञासा यह है कि…
लौकिक शिक्षा और धार्मिक शिक्षा में संतुलन कैसे बनायें? शंका लौकिक शिक्षा का धार्मिक शिक्षा से कितना प्रयोजन है? हमें लौकिक शिक्षा के लिये अधिक समय निकालना पड़ता है जिस…