पंचकल्याणक में चौबीसी की स्थापना क्या उचित है? शंका आजकल जहाँ कहीं भी पंचकल्याणक होता है, वहाँ का जैन समाज चौबीसी भगवान की स्थापना करता है, लेकिन २४ भगवान का…
उपादान-उपादेय, निमित्त-नैमित्तिक का अर्थ और व्याख्या! शंका उपादान-उपादेय, निमित्त – नैमित्तिक, अन्तरंग- बहिरंग कारण, वस्तु-स्वभाव धम्मो, इनका अर्थ समझाएँ। समाधान जैन अध्यात्म को समझना है, तो हमें दो-तीन बातों को…
मन के परिष्कार के लिए आत्म सम्बोधन कैसे करें? शंका मन के परिष्कार के लिए आत्मिक सम्बोधन की आवश्यकता होती है? समाधान मन के परिष्कार के लिए आत्म सम्बोधन बहुत…
व्यवहार जैनत्त्व में होने वाले निरन्तर ह्रास को कैसे रोकें? शंका आप पद विहार द्वारा भारत भ्रमण करते हैं और हम लोग वाहन के द्वारा भारत में भ्रमण करते हैं।…
त्रिलोक और त्रिकाल में धर्म सुखकारी क्यों और कैसे? शंका त्रिलोक और त्रिकाल में धर्म सुखकारी क्यों और कैसे? समाधान भाई सुख किसको कहते हैं? जो हमेशा साथ रहे, जो…