जैन-धर्म Jain Religion |
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मुनि श्री प्रमाणसागर जी |
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पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ बाडम बाज़ार जैन मंदिर हजारीबाग में विराजमान हैं । |
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झारखंड प्रान्त के हजारीबाग शहर में जन्मे मुनि श्री प्रमाणसागर जी, संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रमुख शिष्यों में से हैं। अल्पवय में ही अंतर्यात्रा की ओर उन्मुख होने वाले मुनिश्री साधना, संयम और सृजन के सशक्त हस्ताक्षर हैं। आपका चिन्तन और अभिव्यक्ति कौशल हजारों - हजारों श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर भाव-विभोर कर देता है। धारा प्रवाह प्रवचन में शब्द-सौष्ठव एवं प्रस्तुतिकरण की मोहकता, मधुबन में बांसुरी की भांति प्रभावी है। आप हिन्दी, संस्कृत, प्राकृत एवं अंग्रेजी के अधिकारी विद्वान के रूप में बहु-आदरित हैं। अध्ययनप्रियता, आपका पथ व संयम, आपकी शैली एवं साधना आपकी गुणधर्मिता है। आप आगम के गूढ़तम ज्ञाता, जिणवाणी के प्रखर प्रस्तोता हैं। आपकी बहु प्रशंसित कृति "जैन धर्म और दर्शन" विचार, अध्यात्म एवं चिन्तन - जगत में अनुठे अनुदान की भांति सर्वमान्य है। जैन आगम के गूढ़ तत्त्वों की सहज-सरल-सुबोध प्रस्तुति इस कृति का अनुपम वैशिष्ट्य है। "जैन तत्त्व विद्या" आपकी तत्त्वान्वेशी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है। |
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समाधान |
पूज्य महाराजश्री द्वारा जिज्ञासुओं के प्रश्नों का आध्यात्मिक समाधान, क्लिक करें |
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हजारीबाग में हुआ भव्य मंगल प्रवेश |
संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य निर्ग्रंथ गौरव परम पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाणसागर जी महाराज एवं पूज्य मुनिश्री 108 विराटसागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश धर्मनगरी हजारीबाग में अपूर्व उल्लास एवं उमंग के साथ हुआ। पूज्य मुनिश्री की जन्मस्थली होने से श्रद्धालुओं मुनिश्री की आगवानी के प्रति विशेष उत्साह था।हजारों स्त्री पुरुष अपने हाथों में केशरिया ध्वज लेकर कतारवद्ध होकर शोभायात्रा में चल रहे थे। जगह जगह मुनि संघ की आरती उतारी गई , पाद प्रक्षालन किया गया। मुनिश्री के साथ संघस्थ ब्र॰ शांतिलाल बाबा जी एवं ब्र॰ रोहित भैया जी भी शोभा यात्रा में शामिल थे। आसपास के जैन समाज के साथ स्थानीय जनता में भी विशेष उत्साह था । ज्ञातव्य हो कि हजारीबाग स्थित बाडम बाज़ार जैन मंदिर के नवनिर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है। आचार्य गुरुवर की असीम कृपा एवं आशीर्वाद से इस भव्य जिनालय का पंच कल्याणक आगामी 25 मई से 31 मई 2013 तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ गजरथ के साथ सम्पन्न होगा। परम पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाणसागर जी महाराज एवं मुनिश्री विराट सागर जी संघ सहित इसी कार्यक्रम के निमित्त मधुबन शिखरजी से बिहार करके हजारीबाग स्थित बाडाम बाजार मंदिर जी में प्रवेश किये । प्रवेश के उपरांत मंदिरजी की शोभा देखकर महाराज श्री ने कहा कि यह मंदिर मेरी कल्पनाओं से भी सुंदर है। 9 वेदी, वर्तमान चौबीसी सहित तीन उत्तुंग शिखर युक्त यह मंदिर पूर्वाञ्चल का पहला मंदिर है। मुनिश्री ने श्रावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि जितना सुंदर मंदिर बना है, पंचकल्याणक भी उतना ही भव्य होना चाहिए। |
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भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा विश्व शांति महायज्ञ एवं गजरथ महोत्सव: 25 मई से 31 मई 2013 हजारीबाग (झारखंड) |
हजारीबाग में होगा ऐतिहासिक पंचकल्याणक संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य निर्ग्रंथ गौरव परम पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाणसागर जी महाराज की जन्मस्थली हजारीबाग में आगामी 25 मई से 31 मई 2013 तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ गजरथ के साथ सम्पन्न होगा । परम पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाणसागर जी महाराज एवं मुनिश्री विराट सागर जी महाराज के पावन सानिध्य एवं ससंघ ब्र॰ शांतिलाल बाबा जी एवं ब्र॰ रोहित भैया जी की समुपस्तिथि तथा बा॰ ब्र॰ प्रदीप भैया जी के प्रतिष्ठाचार्यत्व में यह आयोजन होगा. इस आयोजन में आकर्षण का केंद्र होगा झारखण्ड का प्रथम गजरथ महोत्सव। जैन स्कूल हजारीबाग के ग्राउंड में भव्य पाण्डाल का निर्माण किया गया है । सकल दिगंबर जैन समाज ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। ज्ञातव्य हो कि हजारीबाग स्थित बाडम बाज़ार जैन मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो गया है। भव्य जिनालय 9 वेदी एवं चौबीसी सहित तीन उत्तुंग शिखर बन कर तैयार हो गए है। आचार्य गुरुवर की असीम कृपा एवं आशीर्वाद से इस भव्य जिनालय का पंच कल्याणक सानंद सम्पन्न होगा। देश के सभी त्यागी-व्रतियों - श्रेष्ठियों आदि को इस महामहोत्सव हेतू समाज ने आमंत्रित किया है। दयोदय दिव्य घोष – टीकमगढ़, म्यूज़िकल ग्रुप टीकमगढ़, अशोकनगर, पथरिया, ललितपुर आदि स्थानो से भी दिव्य घोष अपनी स्वर लहरियाँ बिखेरेंगे इस महा महोत्सव में । ललितपुर सेवा दल के सदस्य इस पूरे आयोजन में आगंतुक अतिथियों की सेवा करेंगे। वही स्थानीय समाज के सभी वर्ग के सदस्य, महिला मण्डल, नवयुवक मण्डल आदि सभी एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाने में जी जान से जुट गए हैं । परम पूज्य महाराज श्री का मंगल प्रवेश लगभग 10-11 मई को हजारीबाग में होना है । सभी समाज वाले चाहे जैन हो या अजैन पलक-पांवड़े बिछाकर पूज्य महाराज श्री की अगवानी हेतु उत्साहित हैं। |
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श्रीसिद्धचक्र महामण्डल विधान 20-27 मार्च 2013 गुणायतन परिसर श्री सम्मेद शिखर जी |
श्रीसिद्धचक्र महामण्डल विधान
संस्कार प्रणेता परम पूज्य 108 मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज एवं प. पू. मुनि श्री 108 विराट सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में गुणायतन परिसर, श्री सम्मेद शिखर जी में 20-27 मार्च 2013 तक श्रीसिद्धचक्र महामण्डल विधान का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ. विस्तृत समाचार के लिये क्लिक करें. |
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| श्री सेवायतन तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी में सर्वांगीण विकास का सम्यक् यतन |
तीर्थ हमारे प्राण हैं. तीर्थों की सुरक्षा हमारा परम दायित्व है. परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज की मंगल प्रेरणा से श्री सेवायतन का शुभारंभ हुआ. तीर्थों की सुरक्षा के लिये यह आवश्यक है कि क्षेत्र के मूल निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार मिले जिससे कि वे क्षेत्र के विकास एवं सुरक्षा से अपने आप को जोड़ सकें, इसी दिशा में कार्यरत है श्री सेवायतन .. अधिक जानने के लिये क्लिक करें. श्री सेवायतन - हिन्दी संस्करण ShreeSevaytan - English Version |
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गुणायतन आत्मा से परमात्मा की यात्रा - आत्मविकास के सोपान |
जैन दर्शन में आत्मशक्तियों के विकास अथवा आत्मा से परमात्मा बनने की शिखर यात्रा के क्रमिक सोपानों को चौदह गुणस्थानों द्वारा बहुत सुंदर ढंग से विवेचित किया गया है. जैन दर्शन में जीव के आवेगों-संवेगों और मन-वचन-काय की प्रवत्तियों के निमित्त से अन्तरंग भावों में होने वाले उतार-चढ़ाव को गुणस्थानों द्वारा बताया जाता है. गुणस्थान जीव के भावों को मापने का पैमाना है. परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज की मंगल प्रेरणा से मधुबन, सम्मेदशिखरजी में निर्मित होने जा रहे, धर्मायतन "गुणायतन" में इन्हीं चौदह गुणस्थानों को "दृष्य-श्राव्य प्रस्तुति" के माध्यम से दर्शनार्थियों को समझाया जायेगा. परिसर में बनने वाले जिनालय, जैन स्थापत्य और कला के उत्कृष्ट उदाहरण होगें. अधिक जानने के लिये क्लिक करें.... गुणायतन www.gunayatan.com |
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तीर्थेश: श्रीसम्मेदशिखर |
गुणायतन एवं श्रीसेवायतन का मुखपत्र - डाउनलोड करने हेतू क्लिक करें-तीर्थेश:श्रीसम्मेदशिखर तीर्थेश |
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Updated 15-05-2013 |
Email: contact@munipramansagar.net |
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