अन्त समय में क्या करें? शंका आत्मा तो अजर-अमर है, उसकी मृत्यु नहीं होती। शरीर पुदगल है, उसका छूटना सुनिश्चित है। जब दोनों की वस्तु-स्थिति जानने वाले साधक का शरीर…
बाह्य क्रियाओं का आध्यात्म की दृष्टि से क्या महत्व है? शंका ऐसा कहा गया है कि यही बाह्य क्रिया कार्यकारी नहीं है तो अणुव्रत-महाव्रत ना कर केवल चित्त में ही…