Jainism

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प्रार्थना में उत्तम तीर्थंकर पद और शांतिधारा में धन धान्य की कामना क्यों?

प्रार्थना में उत्तम तीर्थंकर पद और शांतिधारा में धन धान्य की कामना क्यों? शंका हम लोग जब मन्दिर जाते हैं तो हम भगवान से यह प्रार्थना करते हैं कि “आपको…

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निंदा करने से नीच गति के गोत्र का बन्ध होता है!

निंदा करने से नीच गति के गोत्र का बन्ध होता है! शंका तत्त्वार्थ सूत्र में लिखा है कि “निंदा करने से नीच गति के गोत्र का बन्ध होता है”। अधिकांश…

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अष्ट मंगलों को भगवान से सामने हिलाने का क्या तात्पर्य है?

अष्ट मंगलों को भगवान से सामने हिलाने का क्या तात्पर्य है? शंका महाराष्ट्र के मदिरों की मूर्तियाँ बहुत बड़ी-बड़ी हैं और उनके सामने अष्टमंगल भी उतने ही बड़े-बड़े रखे गएँ…

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यदि गुरुओं का सानिध्य न हो तो क्या प्रतिष्ठाचार्य प्रतिष्ठा करा सकते हैं?

यदि गुरुओं का सानिध्य न हो तो क्या प्रतिष्ठाचार्य प्रतिष्ठा करा सकते हैं? शंका प्रतिष्ठा करते समय अगर वहाँ पर आचार्य भगवन्त या मुनि न हों तो क्या प्रतिष्ठाचार्य प्रतिष्ठा…

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भगवान की मूर्तियों से आँसू निकलना या मूर्तियों का रंग बदलना क्या है?

भगवान की मूर्तियों से आँसू निकलना या मूर्तियों का रंग बदलना क्या है? शंका आजकल व्हाट्सएप आदि में वीडियो आते हैं कि “भगवान की मूर्तियों से आँसू निकल रहे हैं”…

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