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किसी गलत काम को मजबूरी में करना पड़े तो कर्म का बन्ध कैसा होगा?

किसी गलत काम को मजबूरी में करना पड़े तो कर्म का बन्ध कैसा होगा? शंका कई क्रियाएँ ऐसी होती हैं जिनको जानते हुए भी कि ‘ये ठीक नहीं हैं’ फिर…

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क्या श्रावक के तप के द्वारा उनकी संवर और निर्जरा होती है?

क्या श्रावक के तप के द्वारा उनकी संवर और निर्जरा होती है? शंका श्रावक अपनी भूमिका के अनुसार तप करते हैं तो क्या उनके तप के द्वारा उनकी संवर और…

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क्या अस्पतालों में सल्लेखना-समाधि की व्यवस्था नहीं हो सकती?

क्या अस्पतालों में सल्लेखना-समाधि की व्यवस्था नहीं हो सकती? शंका क्या भारत में ऐसे अस्पताल नहीं बन सकते जहाँ जैन डॉक्टरों द्वारा सल्लेखना और समाधि की पूरी व्यवस्था हो? समाधान…

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क्या देवों में भी ईर्ष्या भाव होता है?

क्या देवों में भी ईर्ष्या भाव होता है? शंका कहते हैं कि देवों में भी एक दूसरे को देखकर ईर्ष्या भाव आता है, तो क्या उनको भी डिप्रेशन (अवसाद) होता…

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कर्म घुमाता है, किंतु, क्या केवल कर्म ही घुमाता है?

कर्म घुमाता है, किंतु, क्या केवल कर्म ही घुमाता है? शंका हम पूजा में पढ़ते हैं, ‘जड़ कर्म घुमाता है मुझको, यह मिथ्या भ्रान्ति रही मेरी…।’ तथा गीता का उपदेश…

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