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प्रतिमा प्रतिष्ठा होने के बाद पत्थर से भगवान कैसे बन जाती है?

प्रतिमा प्रतिष्ठा होने के बाद पत्थर से भगवान कैसे बन जाती है? शंका हमारे धर्म में ‘जिन दर्शन’ का बड़ा महत्त्व बताया गया है। जिसमें जिनेन्द्र भगवान की वीतराग प्रतिमा का हम दर्शन…

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तीर्थंकरों को वृक्ष के नीचे ज्ञान कल्याणक क्यों होता है?

तीर्थंकरों को वृक्ष के नीचे ज्ञान कल्याणक क्यों होता है? शंका तीर्थंकर भगवान को वृक्ष के नीचे ज्ञान कल्याणक होता है, अन्यत्र कहीं नहीं, ऐसा क्यों? समाधान वृक्ष अपार ऊर्जा…

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कर्मों की निर्जरा किस क्रिया से ज्यादा होती है?

कर्मों की निर्जरा किस क्रिया से ज्यादा होती है? शंका कर्मों की निर्जरा विधान, जाप व आरती से ज्यादा होती है या उपवास से? समाधान हमारे यहाँ एक श्लोक आता…

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आरती के दीपक से भी जीव हिंसा होती है फिर दीप क्यों जलाएँ?

आरती के दीपक से भी जीव हिंसा होती है फिर दीप क्यों जलाएँ? शंका कहा जाता है कि- ‘जीवों की रक्षा करें।’ भगवान की आरती करने के लिए १०-१० थालियाँ बनायी जाती हैं, आरती…

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‘बुरा मत सोचो’ की महिमा!

‘बुरा मत सोचो’ की महिमा! शंका सभी कहते हैं कि ‘बुरा मत बोलो, बुरा मत कहो और बुरा मत देखो’; लेकिन जैन धर्म ही कहता है – ‘बुरा मत सोचो’,…

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