मंगल भावना © (हिंदी – मुनिश्री वाणी)
https://www.munipramansagar.net/wp-content/uploads/2023/12/mangal-bhawna-hindi-1024x576.jpg 1024 576 admin admin https://secure.gravatar.com/avatar/97ef907e588ad421ac6ad7a8bf832f1f57718105b9396e813e2fe7ec6470d67b?s=96&d=mm&r=gमंगल भावना © (हिंदी – मुनिश्री वाणी) रचयिता – मुनि श्री 108 प्रमाणसागर जी महाराज मंगल भावना © मंगल-मंगल होय जगत में, सब मंगलमय होय। इस धरती के हर प्राणी का, मन मंगलमय होय।। कहीं क्लेश का लेश रहे ना, दु:ख कहीं भी होय। मन में चिंता भय न सतावे, रोग-शोक नहीं होय।। नहीं वैर-अभिमान…


