Jainism

150 150 admin

भगवान बाहुबली तीर्थंकर नहीं हैं फिर भी हम उनकी पूजा क्यों करते हैं?

भगवान बाहुबली तीर्थंकर नहीं हैं फिर भी हम उनकी पूजा क्यों करते हैं? शंका भगवान बाहुबली न ही तीर्थंकर हैं और न ही पंचपरमेष्ठी हैं फिर भी हम उनकी पूजा…

read more
150 150 admin

आत्मा का क्या स्वरुप होता है?

आत्मा का क्या स्वरुप होता है? शंका आपने कभी आत्मा के साक्षात् दर्शन किए हैं, उसका क्या स्वरूप होता है और उस समय आपकी क्या मनःस्थिति रहती है? राखी अजमेरा…

read more
150 150 admin

पंचमेरु, नंदीश्वर द्वीप में हर जिनालय में 108 प्रतिमाएँ ही क्यों होती है?

पंचमेरु, नंदीश्वर द्वीप में हर जिनालय में 108 प्रतिमाएँ ही क्यों होती है? शंका पंचमेरु, नंदीश्वर द्वीप में हर जिनालय में जो 108 प्रतिमाएँ विराजमान हैं, उनकी गिनती 108 ही…

read more
150 150 admin

जैन धर्म को अपनी मूल भाषा प्राकृत की ओर प्रेरित कैसे करें?

जैन धर्म को अपनी मूल भाषा प्राकृत की ओर प्रेरित कैसे करें? शंका जैन धर्म को अपनी मूल भाषा प्राकृत की ओर प्रेरित कैसे करें? समाधान आपने बहुत गम्भीर विषय…

read more
150 150 admin

42वें भक्तामर श्लोक का अर्थ क्या है?

42वें भक्तामर श्लोक का अर्थ क्या है? शंका भक्तामर स्तोत्र जो मांगतुंग आचार्य द्वारा रचित है उसका यह काव्य:- वल्गत्तुरंग-गज-गर्जित-भीम-नाद- माजौ बलं बलवतामपि भूपतीनाम्। उद्यद्-दिवाकर-मयूख-शिखा-पविद्धं, त्वत्कीर्त्तनात्-तम इवाशु भिदा-मुपैति ॥ जिसमें…

read more