छोटी एवं बहुमूल्य प्रतिमाओं की प्रासंगिकता! शंका आपने अभी कुछ दिन पहले आपने बतलाया था कि अब युग परिवर्तन आ गया है, अब मन्दिर और प्रतिमायें खंडित नहीं की जातीं।…
प्राकृत और अपभ्रंश भाषाएँ जैन संस्कृति के आधार हैं! शंका अधिकांश जैन साहित्य प्राकृत और अपभ्रंश भाषा में रचा गया है। प्राकृत और अपभ्रंश भाषाएँ जैन संस्कृति के आधार हैं।…