Posts By :

admin

150 150 admin

विपरीत परिस्थितियों में अपने आपको कैसे सँभालें?

विपरीत परिस्थितियों में अपने आपको कैसे सँभालें? शंका विपरीत परिस्थितियों में अपने आपको कैसे सँभालें? समाधान विपरीत परिस्थितियों में अपने आपको सँभालने का बहुत सरल सा तरीका है और मैंने…

read more
150 150 admin

मानवीय संवेदनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए क्या करें?

मानवीय संवेदनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए क्या करें? शंका समाज में संवेदनाएँ खत्म होती जा रही हैं। यदि हजार आदमी भूकंप में मर जाते हैं, तो भी इस बात…

read more
150 150 admin

धर्मनिरपेक्षता का सही स्वरूप और अनेकांतवाद!

धर्मनिरपेक्षता का सही स्वरूप और अनेकांतवाद! शंका Secularism (धर्मनिरपेक्षता) आजकल एक बड़ा फैशनेबल वर्ड (शब्द) हो गया है। इसका सही स्वरूप क्या है? क्या जैनत्त्व के अनेकांत में यह निहित…

read more
150 150 admin

मंदिर में प्रवेश करते समय हम निःसहि-निःसहि क्यों बोलते हैं?

मंदिर में प्रवेश करते समय हम निःसहि-निःसहि क्यों बोलते हैं? शंका हम मन्दिर में जाते हैं तो “ॐ जय जय जय निःसहि निःसहि निःसहि” क्यों बोलते हैं? संयम, कोटा, राजस्थान…

read more
150 150 admin

क्या तीव्र असाता के उदय में धार्मिक बातें अच्छी नहीं लगतीं?

क्या तीव्र असाता के उदय में धार्मिक बातें अच्छी नहीं लगतीं? शंका एक कहावत है- “साँप डसा तब जानियो, रुचि सो नीम चबाय। मोह डसा तब जानियो, जिनवाणी न सुहाय।…

read more