Uttam Tyag

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उत्तम त्याग

उत्तम त्याग  आज बात ‘त्याग’ की हैं और त्याग के दो रूप हैं एक सर्वस्व और दूसरा अंश। जो सर्वस्व को त्यागता हैं, वह साधु होता हैं, साधुता हमारे भीतर…

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उत्तम त्याग धर्म (Supreme Renunciation)

*जोड़ना संग्रह है और जोड़कर उससे चिपक जाना परिग्रह है। *धन का संग्रह करना भी समाज के कल्याण के लिए बाँध का निर्माण करने के समान है। इसलिए धन का…

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