द्रव्य शुद्धि और भाव शुद्धि Material and Notional cleansing द्रव्य की शुद्धि के बिना भावों की शुद्धि नही होती, भीतर की शुद्धि के लिए बहार की शुद्धि अत्यंत आवश्यक है…
स्वाभिमान और अभिमान में अंतर Self respect and pride “दूसरों को कम आँकना एवं स्वयं को बड़ा समझना अभिमान है। और अपना सम्मान का भाव एवं दूसरों का सम्मान करना…
विवाह संबंध में समान स्तर व संस्कारों का महत्व Importance of same status and virtues in matrimonial relations विवाह संबंध करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, अपने…
भाग्य और पुरुषार्थ Destiny vs Efforts भाग्य और पुरुषार्थ एक दूसरे के पूरक हैं, वास्तविक रूप में भाग्य उन्हीं का साथ देता है जो स्वयं पर विश्वास करते हैं ।…