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तिनके सी उलझन

तिनके सी उलझन (मुनि श्री प्रमाणसागर जी के प्रवचनांश) एक नदी सागर में मिलने की ओर अग्रसर थी और बहुत ही तेज़ धार के साथ बही जा रही थी। नदी…

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हनुमान जी की माँ – सती अंजना

हनुमान जी की माँ – सती अंजना (मुनि श्री प्रमाणसागर जी के प्रवचनांश) सती अंजना के बारे में कौन नहीं जानता! इन्होंने अपने जीवन में कई मुसीबतों का सामना किया,…

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ईर्ष्या के टमाटर

ईर्ष्या के टमाटर मुनि श्री प्रमाणसागर जी के प्रवचनांश एक बार की बात है, एक गुरु अपने शिष्यों को अध्ययन पूरा कराने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी…

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बंदर क्या जाने रत्नों का मूल्य

बंदर क्या जाने रत्नों का मूल्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी के प्रवचनांश एक बार एक बन्दर को एक रत्नों की पोटली मिली। उसने उस पोटली को खाने की वस्तु समझकर…

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राम नाम सत्य है

राम नाम सत्य है मुनि श्री प्रमाणसागर जी के प्रवचनांश एक  छोटा बच्चा था, जो बहुत शरारती था। उसे लोगों को परेशान करने और सताने में बड़ा आनन्द आता था।…

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