Posts By :

admin

261 261 admin

उत्तम संयम धर्म(Supreme Restraint)

खुद को गलत कार्यों से बचाते हुए अच्छे कार्यों की तरफ ले जाना ही उत्तम संयम है। हम संयम क्यों करें? मानसिक संयम- आवश्यकता से अधिक देखना, सुनना, व्यस्तता हमारे…

read more
261 261 admin

उत्तम शौच धर्म(Supreme Purity)

उत्तम शौच से अभिप्राय :- उत्तम शौच का अर्थ है पवित्रता। आचरण में नम्रता, विचारों में निर्मलता लाना ही शौच धर्म है। बाहर की पवित्रता का ध्यान तो हर कोई…

read more
261 261 admin

उत्तम सत्य धर्म (Supreme Truth)

उत्तम सत्य धर्म 1.यह रूप भी असत्य, यहरंग भी असत्य, यह भोग भी असत्य, यह विलासता के साधन भी असत्य हैं। कुछ भी सत्य नहीं, सब छूटने वाले हैं। 2.यदि…

read more
261 261 admin

उत्तम आर्जव धर्म (Supreme Straightforwardness)

उत्तम आर्जव धर्म – वक्रता, कुटिलता, मायाचारी हमारे जीवन का टेढ़ापन है। -जीवन को सीधा वही कर पाते हैं जो साधना के प्रहार को झेलने के लिए तत्पर रहते हैं।…

read more
261 261 admin

अहं से ही अहंकार

अहंकार – झुकोगे तो मजबूत बनोगे, अकड़ोगे तो टूट जाओगे। – अहं क्या है? अपने आपको सच्चा और अपने आपको अच्छा मानने की वृत्ति। अपने ही विषय में सोचने की…

read more