संयम के मार्ग पर बढ़ने की इच्छा में घर वालों का विरोध हो तो कैसा पुरुषार्थ करें?

150 150 admin
शंका

मन में इच्छा हो कि संयम के मार्ग पर बढ़ें या मोक्ष मार्ग पर बढ़ें पर उसमें घर वालों का विरोध हो तो कैसे पुरुषार्थ करना चाहिए?

समाधान

दृढ़ता रखो आज नहीं कल, घर वाले साथ देंगे। हमारे संघ में एक आर्यिका हैं दुर्लभमति, कभी उनके दर्शन करो। वे जब इस मार्ग में निकलना चाहती थीं तो उनके घर के सब के सब लोग विरुद्ध थे। दुर्ग का पाटनी परिवार था, सारे के सारे लोग अगेंस्ट (विरुद्ध) थे लेकिन वे बड़ी दृढ़ वैरागी थीं। उनकी चर्या में बड़ी स्थिरता थी, उन्होंने किसी बात का प्रतिवाद नहीं किया और अपनी चर्या में दृढ़ रहीं। लोगों की बात का विनम्र, किन्तु दृढ़ शब्दों में उनका प्रतिवाद किया। आपको सुनकर बड़ा अच्छा लगेगा कि चार साल बाद घर के लोग उनको आचार्य श्री के चरणों में लाकर छोड़ गए कि “महाराज जी ये आपके लायक हैं, हमारे काम की नहीं है।” जब आचार्य श्री जी ने जब उनको दीक्षा दी तो उनका नाम रखा दुर्लभमति

Share

Leave a Reply