महापुरुषों का कल्याण एक छोटे से व्रत से हो गया, हमारा कब होगा?

150 150 admin
शंका

पुराणों में जो महापुरुष हुए उन्होंने एक छोटे से व्रत का पालन किया और उनका जीवन बदल गया और वह मोक्ष के रास्ते पर चल पड़े। हम तो इतने व्रत करते हैं तो क्या हमारा भी कुछ कल्याण हो जाएगा या नहीं?

समाधान

आप महापुरुषों के चरित्र को ठीक ढंग से पढ़ें। आपने ये कह दिया कि उन्होंने एक छोटा सा व्रत धारण किया और उनके जीवन का कल्याण हो गया। मैं समझता हूँ आपने ठीक ढंग से महापुरुषों को नहीं पढ़ा। महापुरुषों के जीवन में हमें दो रूप दिखते हैं, एक रुप वह जो उनके अज्ञान दशा का था, जिस दशा में वह खूब पाप में निमग्न रहे, प्रपंचों में उलझे रहे, भोग विलासिता में लगे, युद्ध लड़ा, लड़ाइयाँ लड़ीं, राज्य का विस्तार किया। और एक रूप वो जो उनके जीवन के मोड़ के बाद घटित हुआ। वैराग्य हुआ, मुड़े तो फिर मुड़कर नहीं देखा। जिनके पीछे उन्होने अपने जीवन की सारी सांसे गंवाई, एक बार मुड़ गए तो उनकी तरफ मुड़कर नहीं देखा।

कल्याण कब हुआ, कल्याण केवल व्रत लेने से नहीं, निर्वृत होने से हुआ। वे निर्वृत हुए, वे त्याग की पराकाष्ठा पर पहुंचे, आत्म निमग्न हुए, मोक्ष की कठोर साधना उन्होंने की तब उनका कल्याण हुआ तो हमें इस मार्ग को कभी भूलना नहीं चाहिए। कल्याण का यही मार्ग है। एक है साधना, एक है आराधना। जब तक साधना के मार्ग में न चल सको, आराधना करो और आराधना करते-करते धीरे-धीरे साधना की ओर अग्रसर हो तभी सिद्धि की उपलब्धि होगी।

Share

Leave a Reply