बीते कल का अफसोस और आने वाले कल की चिंता में आज खराब न करें!

150 150 admin
शंका

बीते कल का अफसोस और आने वाले कल की चिंता, हमारा आज खराब कर रहे हैं तो इसमें क्या करें जिससे हमारा आज भी सुधरे और भविष्य भी सुधरे?

समाधान

आज को पकड़ लो तो अतीत और भविष्य दोनों ठीक हो जायेंगे। बीता हुआ कल बीत चुका है, वह एक भोगा हुआ यथार्थ है, उसको पकड़ कर रहोगे तो कुछ भी नहीं पाओगे। अपने बीते अतीत की स्मृतियों में उलझने की जगह उसे अपनी अनुभूति का आधार बनाओ, अतीत में घटी घटनाओं का अनुभव लो। अनुभव का पाठ पढ़कर अपने जीवन में बदलाव लाओ। अगर व्यक्ति अतीत की गलती को याद करके अपने मन को तोड़ता है तो अपना जीवन हमेशा के लिए दुखी बना लेता है; और यदि अतीत की गलतियों से अपने जीवन को मोड़ता है तो जीवन में मजबूती ले आता है। यह आपके ऊपर निर्भर है कि आप मन को तोड़ते हैं या मोड़ते हैं।

एक युवक एक सफलतम व्यापारी के पास गया और उससे उसकी सफलता का राज पूछा- “आपकी सफलता का राज क्या है?” उत्तर मिला- “सही निर्णय”। सामने वाले ने दोबारा पूछा- “आपके सही निर्णय का आधार क्या है?” उत्तर दिया- “अनुभव!” तीसरा प्रश्न, “आपने अनुभव कहाँ से पाया?” जवाब मिला- “गलत निर्णय।” युवक भौचक्का रह गया – “गलत निर्णय से आपने सही निर्णय का लाभ कैसे पाया?” व्यापारी ने कहा – “मैंने अपने हर गलत निर्णय की समीक्षा की और तय किया इसकी पुनरावृत्ति नहीं करूँगाजिससे आज मैं सही निर्णय में सक्षम हुआ।”

अतीत से सीखा जा सकता है भविष्य को ठीक बनाने के लिए। भविष्य के लिए योजना बनाना ठीक है लेकिन योजनाओं में उलझ जाना ठीक नहीं। ध्यान रखना जिस भविष्य के कल के लिए आप कदम उठाएँगे उसकी नींव तो आपको आज ही रखनी होगी। जिसका आज अच्छा होता उसका भविष्य अच्छा होता है। आने वाले भविष्य के लिए मैं इतना ही कहूंगा, कल की व्यवस्था के प्रति सावधान रहो पर कल की व्यवस्था में चिंतातुर मत हो। भविष्य के प्रति सतर्क होना अच्छी बात है परंतु भविष्य के प्रति मन में हमेशा शंका बनाए रखना अच्छी बात नहीं है। इसलिए शंकालु मत बनें, सावधान बनकर अपने जीवन को आगे बढ़ाएँ, निश्चित ही आपका अतीत आपको मजबूती देगा और भविष्य सुंदर बनेगा।

Share

Leave a Reply