क्या भावना योग को पढ़कर करना सार्थक होगा?

150 150 admin
शंका

मैं रोजाना प्रमाणिक एप के द्वारा भावना योग करती हूँ। लेकिन, कभी-कभी इंटरनेट में कनेक्शन प्रॉब्लम से भावना योग नहीं आता है। इस कारण से मैंने भावना योग लिख लिया है, लिखे हुए से अथवा अपने मन से भावना योग करती हूँँ। तो क्या मुझे उतना ही लाभ मिलेगा?

हेमलता जैन, अहमदाबाद, गुजरात

समाधान

अपने मन से करने में लाभ तो मिलेगा पर स्थिरता संदिग्ध है। आपके subconscious mind (अवचेतन मन) में जो प्रभाव होना चाहिए, वह प्रभाव पूरा नहीं होगा। ऐसे लोग जिन्हें इंटरनेट की प्रॉब्लम है, वह एक बार डाउनलोड कर लें तो बाद में तो इंटरनेट की कोई जरूरत नहीं होती। आप उसका पूरा लाभ ले सकते हैं। क्योंकि पढ़ने में तो वही होगा जो आप प्रतिक्रमण में और अन्य पाठों में करते हैं। इसलिए उसको सुनकर जिस रूप में इसका मूल स्वरूप दिया है, उसी रूप में करें तो ज़्यादा प्रभाव होगा।

Share

Leave a Reply